Saturday, February 7, 2009

हिन्दी मेरी पहचान नाम से ब्लॉग शुरु करने का उद्देश्य

हिन्दी मेरी पहचान नाम से ब्लॉग शुरु करने का उद्देश्य :
क्यो एक प्रतिभा शाली को अपनी प्रतिभा को प्रर्दशित करने के लिए एक विदेशी भाषा का मोहताज होना पड़ता है ?
क्न्यो एक ऐसी भाषा में उसे स्तरीअ सामग्री उपलब्ध है , जो उसे कम समझ में आती है ?
और उस भाषा में उपलब्ध नही है जिसमे उसे ज्यादा समझ में आती है
और उपलब्ध होने पर क्या हम उसे पड़ना पसंद करेंगे ?
क्यो की हिन्दी में पड़ने समझने वाले का स्तर दोयम दर्जे का होता है ?
हम कब अपने को हेय समझने वाली मानसिकता से उबरेगे?
क्यो नही है अपनी भाषा को प्रथम दर्जा दिलवाने की जिद हमारे भीतर?
क्यो है हमारा आत्मसम्मान इतना दबा कुचला सा ?
कुछ ऐसे प्रश्न आप सबके सामने रखना जो मेरे मन में दहकते रहते है

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